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बिना पंजीकरण नहीं चलेगी दुकान, कांवड़ मेले में कारोबार से पहले जान लें ये 3 अहम नियम

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हरिद्वार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के स्वागत और सुगम सफर के लिए सभी इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कांवड़ मेले में दुकान लगाने के लिए पंजीकरण जरूरी है। साथ ही धामी ने बताया कि किसी तरह की गंदगी, मिलावट और नाम बदलकर दुकान चलाने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, धर्मनगरी के लोग, साधु-संत और सभी स्टेक होल्डर मिलकर शिवभक्तों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने कांवड़ियों से भी कांवड़ यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की। कांवड़ मेले में दुकान लगाने वालों के पास पंजीकरण और वैध प्रमाणपत्र होना चाहिए। किसी भी तरह की गंदगी, खाद्य मिलावट या संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नाम बदलकर दुकानें चलाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने यह बात कही।

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के 4 प्रोजेक्ट का शिलान्यास
सीएम धामी ने अलकनंदा होटल में हुए कार्यक्रम में हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ के चार प्रमुख प्रोजेक्ट का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

चार कौन से प्रोजेक्ट
मंगलवार को अलकनंदा होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत करीब 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इनमें 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन, जबकि 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी और सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं आगामी महाकुंभ-2027 और हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं व कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।

देश पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है।

महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।



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