cgdemandium.com
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें

India Joins US-based Pax Silica Coalition: AI और खनिज सुरक्षा में नई साझेदारी: अमेरिका के ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल हुआ भारत

ChatGPT Image Feb 20 2026 11 53 58 AM


 

भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक खनिज सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में आधिकारिक रूप से शामिल हो गया है। AI इम्पैक्ट समिट के दौरान आयोजित एक विशेष समारोह में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भारत के शामिल होने के साथ ही इस रणनीतिक गठबंधन में अब कुल 10 देश शामिल हो चुके हैं। अमेरिका का लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के विश्वसनीय साझेदारों के साथ मिलकर AI तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित और विविधीकृत करना है, जिसमें भारत की भूमिका अहम मानी जा रही है।

क्या है ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ‘पैक्स सिलिका’ AI और उससे जुड़ी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना है।

इस पहल का पहला शिखर सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में आयोजित किया गया था, जहां भागीदार देशों ने ‘पैक्स सिलिका घोषणा’ पर हस्ताक्षर किए। ‘पैक्स’ एक ऐतिहासिक शब्द है, जो शांति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।


क्यों जरूरी है यह गठबंधन?

अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग के अनुसार,

“20वीं सदी में दुनिया तेल और स्टील से चलती थी, लेकिन 21वीं सदी कंप्यूटर से चल रही है। और कंप्यूटर बनाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता होती है।”

AI, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग के इस दौर में जरूरी खनिजों और सुरक्षित टेक सप्लाई चेन की अहमियत कई गुना बढ़ गई है। यही कारण है कि ‘पैक्स सिलिका’ भरोसेमंद देशों के साथ मिलकर भविष्य की तकनीक और आर्थिक सुरक्षा का साझा खाका तैयार करने पर जोर देता है।

किन क्षेत्रों में होगा सहयोग?

‘पैक्स सिलिका’ घोषणा के अनुसार सदस्य देश निम्न क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे—

  • सुरक्षित और भरोसेमंद AI सिस्टम का विकास
  • सेमीकंडक्टर और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग
  • ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग
  • डेटा सेंटर और फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क का निर्माण
  • लॉजिस्टिक्स और टेक सप्लाई चेन का सुदृढ़ीकरण
  • निवेश सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सहयोग

सदस्य देश निजी उद्योग की भागीदारी बढ़ाने, गलत बाजार प्रथाओं से निपटने, अत्यधिक निर्भरता कम करने और संवेदनशील तकनीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी सहमत हुए हैं।

भारत की क्या होगी भूमिका?

भारत पहले से ही सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में AI और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी वैश्विक सप्लाई चेन में भारत एक भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदार के रूप में उभर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गठबंधन से भारत को उन्नत तकनीक, निवेश और वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं अमेरिका और अन्य देशों को एक स्थिर और भरोसेमंद सहयोगी।

 



Related posts

रूस में तालिबान की सैन्य मौजूदगी से बदलेगा समीकरण? भारत-चीन समेत कई देशों से संपर्क

News Desk

केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुलिस के बीच सिया गोयल का कथित ‘मिडिल फिंगर’ इशारा कैमरे में कैद, VIDEO सुर्खियों में

News Desk

भारतीय जनता पार्टी में संगठन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है, आज BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है और सेवा का दृढ़ संकल्प है – नितिन नबीन 

News Desk