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केंद्र सरकार ने कमर्शियल LPG को दी बड़ी छूट, सभी प्रतिबंध किए खत्म

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 नई दिल्ली

 पश्चिम एशिया में पैदा हुए ऊर्जा संकट के कम होने के संकेतों के बीच केंद्र सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए कमर्शियल एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को फिर से सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया है। इसके साथ ही हालिया संकट के दौरान लागू किए गए अधिकांश सेक्टर-विशिष्ट प्रतिबंध भी हटा लिए गए हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि घरेलू उत्पादन में सुधार और आयातित एलपीजी कार्गो की उपलब्धता बढ़ने से आपूर्ति स्थिति बेहतर हुई है। इसी के मद्देनजर गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी पर लगाए गए सभी प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए हैं।

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

मंत्रालय के अनुसार, संकट की शुरुआत में पूरी तरह रोकी गई बल्क एलपीजी सप्लाई को भी आंशिक रूप से बहाल करते हुए पूर्व खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक अनुमति दे दी गई है। इससे औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए लगाए गए थे प्रतिबंध

दरअसल, ईरान संघर्ष के बाद वेस्ट एशिया से एलपीजी आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हो गई थी। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में सरकार ने घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्रों में आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगा दी थी।

बाद में स्थिति में कुछ सुधार होने पर सप्लाई को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया, लेकिन कई क्षेत्रों में आवंटन सामान्य स्तर से काफी कम रखा गया था।

पेट्रोकेमिकल सेक्टर से LPG उत्पादन की ओर मोड़ा गया कच्चा माल

संकट के दौरान एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशेष निर्देश जारी किए थे। इसके तहत सी-3 और सी-4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को पेट्रोकेमिकल उत्पादन से हटाकर एलपीजी निर्माण में इस्तेमाल किया गया। इस फैसले से पेट्रोकेमिकल कंपनियों, विशेष रूप से रिफाइनिंग सेक्टर की कंपनियों को उत्पादन समायोजन करना पड़ा।

अब आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने इन स्ट्रीम्स का आवंटन धीरे-धीरे फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य उद्योगों के लिए बहाल करने का फैसला किया है। हालांकि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि देश में एलपीजी उत्पादन प्रतिदिन 40,000 टन से नीचे न जाए।
कच्चे तेल की कीमतें भी लौटीं सामान्य स्तर पर

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अब संघर्ष-पूर्व स्तर के करीब पहुंच गई हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। यही वजह है कि आपातकालीन राशनिंग उपायों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
PNG पर शिफ्ट करने की योजना को मिलेगी रफ्तार

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट एलपीजी उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। इसके साथ ही कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ने की योजना को भी तेज किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में सिटी गैस नेटवर्क उपलब्ध है, वहां पात्र एलपीजी उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से PNG पर स्थानांतरित किया जाएगा।
एकीकृत डेटाबेस तैयार रखने का दिया निर्देश

सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं का एकीकृत डेटाबेस तैयार रखने तथा आपूर्ति प्रबंधन को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संशोधित व्यवस्था के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

 



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