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हमारे बाबा- स्व. रतनलाल देवांगन” पुस्तक का कोंडागांव में हुआ विमोचन

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कोंडागांव में “हमारे बाबा- स्व. रतनलाल देवांगन” पुस्तक का विमोचन

पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने की सराहना, समाज सेवा में उनके योगदान पर रोशनी डाली

कोंडागांव । कोंडागांव के प्रेस क्लब में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लेखक शकुंतला तरार की पुस्तक “हमारे बाबा- स्व. रतनलाल देवांगन” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री और कोंडागांव की विधायक, सुश्री लता उसेंडी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। साथ ही, “माता सेवा के भजनों” नामक पुस्तक का भी विमोचन हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र सोनपिपरे ने की। विशिष्ट अतिथियों में दीपेश अरोरा, उजियार सिंह देवांगन, प्रियदर्शन गुप्ता और कन्हैया लाल कौशिक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सुश्री लता उसेंडी ने पुस्तक के महत्व को बताया

सुश्री लता उसेंडी ने पुस्तक के विमोचन के दौरान लेखिका शकुंतला तरार की सराहना की। उन्होंने कहा, “शकुंतला जी केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की लेखिका हैं। उन्होंने अपने पिता रतनलाल देवांगन की जीवनगाथा को इस पुस्तक के माध्यम से संकलित किया है, जिससे आज की पीढ़ी उनके योगदान को समझ सकेगी।”

उनका कहना था कि रतनलाल देवांगन का कोंडागांव में विशेष स्थान था। वे न केवल एक विद्वान थे, बल्कि अपने समय में अपार लोकप्रियता के भी धनी थे। उनके योगदान को संजोने वाली यह पुस्तक कोंडागांव जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

पुस्तक के विमोचन के साथ-साथ भजन गायन भी हुआ

विमोचन कार्यक्रम में रतनलाल देवांगन द्वारा गाए गए भजनों का सस्वर गायन किया गया। भजन गायन में श्री टंकेश्वर पाणिग्राही, खेम वैष्णव, रमेश नायडू और मनीशंकर देवांगन ने भाग लिया।

लेखिका शकुंतला तरार का संबोधन

लेखिका शकुंतला तरार ने कार्यक्रम में अपने पिता की उपलब्धियों पर संक्षेप में बात की और निवेदन किया कि कोंडागांव के प्रमुख चौक का नाम उनके पिता रतनलाल देवांगन के नाम पर रखा जाए, ताकि उनकी यादें हमेशा जिंदा रहें।

कार्यक्रम में कोंडागांव के कई प्रमुख लोग मौजूद थे, जिनमें श्याम चरण निषाद, दीनबंधु देवांगन, नरपति राम पटेल, सादुराम देहारी, बुधराम कोराम, पीलाराम हिंगलाजिन, और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।


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