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कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस बरकरार, PM मोदी की टीम में किन नए चेहरों की हो सकती है एंट्री?

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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में परिवर्तन की चर्चा काफी समय से हो रही है, लेकिन जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे और अमित शाह के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद ये चर्चा तेज हो गई. कैबिनेट में बदलाव कब होगा, इसको लेकर भी दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं. कहा जा रहा है कि 28 या 29 जून को कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है या फिर मानसून सत्र के बाद बदलाव होगा. मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा, फिर 21 अगस्त के बाद कैबिनेट में बदलाव संभव है। 

ये पीएम मोदी के काम करने का स्टाइल है, आखिरी समय तक किसी को कुछ नहीं पता होता कि क्या होने वाला है. कैबिनेट रीशफल में भी यही दिख रहा है. चर्चाएं और कयास लग लग रहे हैं. अब आपको बताते हैं कि मोदी कैबिनेट रीशफल में किस किस को मौका मिल सकता है. और किस-किस का पत्ता कट सकता है। 

सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि…
* उद्धव गुट और TMC से टूटे कुछ सांसदों को मौका मिल सकता है.
* उद्धव गुट से आए संजय दीना पाटिल को जगह मिल सकती है.
* एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट रैंक दिया जा सकता है.
* TMC से आए काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय की भी चर्चा है. तीनों में से कोई एक कैबिनेट में शामिल हो सकता है.
* केंद्रीय मंत्री और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी को संगठन में भेजा जा सकता है. पंकज चौधरी की जगह नया मंत्री बनाया जा सकता है.
* दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भी संगठन भेजा जा सकता है. हर्ष मल्होत्रा की जगह भी नया मंत्री बनाया जा सकता है.
* इसके अलावा कई वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन भेजा जा सकता है.
* इनकी जगह युवा चेहरों को कैबिनेट में मौका दिया जा सकता है.

यानी उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी का साथ छोड़कर आने वाले सांसदों को मौका मिल सकता है. तो वहीं कई पुराने वरिष्ठ नेताओं को वापस संगठन भेजा जा सकता है और उनकी जगह युवाओं को मौका मिल सकता है. यानी एक तरफ उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी हैं, जिनकी पार्टी ही टूट गई है, फिर भी पुराने कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं के बीच पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई दी है। 

25 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जन्मदिन था. पीएम मोदी ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान की सराहनीय भूमिका है. पीएम मोदी की इस बधाई की बड़ी चर्चा हो रही है क्योंकि इंडी गठबंधन से लेकर कॉक्रोच पार्टी तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही है. पेपर लीक के मामले पर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विपक्ष हमलावर है. ऐसे में पीएम मोदी के बधाई संदेश के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। 



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