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कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की तैयारी, CG में खेतों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

Chhattisgarh News 02 1 25


जगदलपुर.

बस्तर संभाग में खेती से जुड़े आंकड़ों को अब तकनीक के जरिए ज्यादा सटीक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खेत की जियो-लोकेशन के साथ बोई गई फसल और उसके रकबे का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

संभाग के सात जिलों में अब तक धान का कुल रकबा 1,54,488.179 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। इसमें कांकेर 66,571.341 हेक्टेयर के साथ सबसे आगे है। कोंडागांव में 34,489.070 और बस्तर में 30,522.286 हेक्टेयर धान का रकबा दर्ज है। बीजापुर में 9,886.216, सुकमा में 5,846.649 हेक्टेयर धान दर्ज किया गया है। वहीं नारायणपुर में 5,062.022 और दंतेवाड़ा में 2,110.595 हेक्टेयर रकबा दर्ज हुआ है। डिजिटल सर्वे से कागजों में दर्ज आंकड़ों और खेत की वास्तविक स्थिति का अंतर सामने लाने में मदद मिलेगी।

फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान का आकलन और फसल बीमा का दावा भी अधिक सटीक हो सकेगा। सरकार को खाद, बीज, राहत और कृषि योजनाओं की योजना बनाने में वास्तविक आंकड़े मिल सकेंगे। तकनीक आधारित यह व्यवस्था कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ किसानों तक योजनाओं की पहुंच बेहतर करने में मदद कर सकती है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू
छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि और फसलों से जुड़ा रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) अभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति और कृषि भूमि से संबंधित सटीक जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। सर्वे के दौरान मोबाइल ऐप और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्वेयर खेतों में पहुंचकर फसल की फोटो मोबाइल ऐप पर अपलोड कर रहे हैं, जिससे फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इस अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भी की गई है। यहां पारंपरिक मैन्युअल गिरदावरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। जिले में 17 अगस्त 2026 से शुरू हुए अभियान के तहत 176 ग्रामों के कुल 55 हजार 638 खसरों/प्लॉटों का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में सर्वे का काम पूरा कर कृषि और राजस्व रिकॉर्ड को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है।



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