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कबीरधाम (कवर्धा)कवर्धाछत्तीसगढ़

कलेक्टर ने निर्देश पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमला पहुंचे उल्टी-दस्त प्रभावित गांव गोपालभवना

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गोपाल भवना में उल्टी-दस्त के रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए सामुदायिक भवन को बनाया गया अस्थाई अस्पताल

गांव से सभी सार्वजनिक जल स्त्रोंतों के आसपास साफ-सफाई और क्लोरिनेशन किया गया और जल रिसाव को की समस्या को दूर करने की काम शुरू कवर्धा, 05 जुलाई 2024। कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम गोपाल भवना में उल्टी-दस्त के प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण के लिए ग्राम के सामुदायिक भवन को अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। इस अस्थायी अस्पताल में चिकित्सक और स्वास्थ्य अमलों द्वारा लगातार स्वास्थ्य उपचार किया जा रहा है।

कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देश पर आज अपर कलेक्टर निर्भय साहू, कवर्धा एसडीएम अनुपम टोप्पो ,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज सहित ंपचायत एवं ग्राम विकास और लोकस्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उल्टी-दस्त से प्रभावित ग्राम गोपाल भवना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उल्टी-दस्त से पीड़ित परिवारों और उपचार करा रहे ग्रामीणों का हाल-चाल जाना। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम के सभी सार्वजनिक 17 पेयजल स्त्रोतों को जल परीक्षण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पानी का नमूना लिया गया है।

वहीं ग्र्राम के सभी सार्वजनिक जल स्त्रोतों के क्लोरिनेशन किया गया है साथ ही सार्वजनिक बोरवेल के जल रिसाव की समस्या का निवारण भी किया जा रहा है।


अपर कलेक्टर श्री साहू ने अस्थायी स्वास्थ्य कैंप में उपचार करा रहे ग्रामीणों से चर्चा की और स्वास्थ्य अमले से पीडितों के स्वास्थ्य सुधार के बारे में पूरी जानकारी ली। गांव में पेयजल का उपयोग पानी उबाल कर पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कोटवार के माध्यम से उल्टी-दस्त के रोकथाम के लिए मुनादी भी कराई गई है। कलेक्टर के निर्देश पर गांव के घरों को डोर-टूर डोर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि गांव के संभावित मरीजों को आवश्यक दवाईयां क्लोरीन टेबलेट, ओआरएस पैकेट दिया जा रहा है। साथ ही पेयजल को उबाल कर पीने अथवा ओरआरएस घोल का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

गांव में मितानिनों के माध्यम से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधनी बरतने के लिए नारा का दीवार लेखन कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि 3 जुलाई को गोपाल भवना में उल्टी-दस्त के कुल 12 प्रकरण मिले थे। उसी दिन ही उल्टी दस्त के प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमला अलर्ट हो गया और गांव के सामुदायिक भवन को अस्थायी स्वास्थ्य केंन्द्र बनाया गया। इसी तरह दूसरे दिन 4 जुलाई को 15 मरीज मिले। अब तक दस्त के 20 मरीज और उल्टी-दस्त के 7 मिले है। सभी स्वास्थ्य उपचार के बाद लगातार स्वास्थ्य में सुधार आ रहा हैं। एक मरीज को जिला अस्प्ताल में भर्ती कराया गया है। उनका भी स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।

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