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भारत में पहली बार वंदे भारत ट्रेन बनी ‘लाइफलाइन’, सूरत से अहमदाबाद ढाई घंटे में पहुंचा ट्रांसप्लांट के लिए दिल

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अहमदाबाद

 तेजी से बदलती मौजूदा जीवनशैली में दिल से जुड़ी बीमारियां बड़ी तेजी से बढ़ी है. हार्ट अटैक हो या हार्ट फेलियर कब किसे कहां हो जाए, कोई कह नहीं सकता. इसके कई उदाहरण भी सामने आए हैं. ऐसी स्थिति में तत्काल सही इलाज नहीं मिले तो इंसान का बचना मुश्किल हो जाता है. हार्ट फेलियर की स्थिति में हार्ट ट्रांसप्लांट करने की नौबत आती है. ऐसी स्थिति में लाइव हार्ट की जरूरत पड़ती है. फिर से जल्द से जल्द उस हॉस्पिटल तक पहुंचाने की चुनौती होती है, जहां मरीज एडमिट हो. इसके लिए एयर एंबुलेंस से लेकर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आवाजाही तक किए जाने के उदाहरण हैं. लेकिन भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ट्रेन से  हार्ट का ट्रांसपोर्टेशन हुआ हो। 

मुंबई गांधीनगर वंदे भारत ट्रेन से पहुंचा लाइव हार्ट
यह इतिहास रचा गया है गुजरात में. जहां वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से जीवित हृदय (Live Heart) का सफलतापूर्वक परिवहन किया. सूरत से अहमदाबाद तक हार्ट को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से सुरक्षित एवं निर्धारित समय में पहुंचाया गया. इस हृदय का प्रत्यारोपण यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद में किया जाएगा. 2 घंटा 27 मिनट में ट्रेन से यह दूरी पूरी की। 

भारतीय रेल, गुजरात राज्य पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मेडिकल टीम ने शानदार समन्वय करते हुए इस अत्यंत संवेदनशील और समयबद्ध जीवनरक्षक अभियान को पूरा किया है। 

अहमदाबाद स्टेशन से यूएन मेहता हॉस्पिटल तक बना था ग्रीन कॉरिडोर
हार्ट को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से पहुंचाने के लिए RPF और गुजरात राज्य पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इसके माध्यम से अंग को निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि प्रत्यारोपण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। 

रेल अधिकारी बोले- यह हमारे लिए गर्व और संतोष का पल
इस ऑपरेशन के बारे में अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा, यह भारतीय रेल के लिए अत्यंत गर्व और संतोष का क्षण है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से एक जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद तक सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया गया. ऐसे जीवनरक्षक मिशन में समय का प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होता है। 

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय रेल, RPF, गुजरात राज्य पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस अभियान को सफल बनाया. किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में भारतीय रेल की भूमिका निभाना हमारे लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का सर्वोच्च दायित्व है। 

 



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