cgdemandium.com
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें

नीरव मोदी को बड़ा झटका, UK में अंतिम कानूनी राहत भी खत्म; अब भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज

6A 163


नई दिल्ली

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. दस्तावेजों के मुताबिक नीरव मोदी ने अपनी आखिरी कानूनी कोशिश भी हार दी है. उन्होंने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स में जो अपील दायर की थी, उससे भी राहत नहीं मिली. सूत्रों के मुताबिक, अब नीरव मोदी के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. ऐसे में अब ब्रिटेन की सरकार उनके प्रत्यर्पण की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर भारत भेज सकती है। 

मिल रही जानकारी के मुताबिक नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया था. इससे पहले ब्रिटेन की अदालतें उनकी सभी अपीलें खारिज कर चुकी थीं. अदालत ने माना था कि भारत की ओर से जेल की व्यवस्था और उनके साथ व्यवहार को लेकर दिए गए आश्वासन पर्याप्त हैं. सूत्रों का कहना है कि अब प्रत्यर्पण में कोई कानूनी बाधा नहीं बची है और ब्रिटेन की एजेंसियों ने नीरव मोदी को भारत के हवाले करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। 

आपको बता दें कि नीरव मोदी मार्च, 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं. उन्हें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन और ईडी ने पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत लाने की मांग की है. ऐसे में कूटनीतिक सूत्रों का दावा है कि अब नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण कभी भी हो सकता है। 

किन-किन मामलों में फंसा है नीरव मोदी?
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी भारत में तीन अलग-अलग मामलों में वांछित है. इनमें पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की सीबीआई जांच, मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी मामला और सबूतों- गवाहों से छेड़छाड़ का मामला शामिल है. अप्रैल, 2021 में ब्रिटेन की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद नीरव मोदी की सभी जमानत याचिकाएं और कानूनी अपीलें खारिज हो चुकी हैं. मार्च 2026 में उसने भारत भेजे जाने के खिलाफ आखिरी अपील भी हार दी. इसके बाद उसने फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जहां से भी उसे राहत नहीं मिली है और अब उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो चुका है। 



Related posts

लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अगले सेनाध्यक्ष नियुक्त

Muskan Sharma

कैबिनेट बैठक से पहले धर्मेन्द्र प्रधान पर सस्पेंस, पीएम मोदी के संकेतों के बाद तेज हुई चर्चाएं

News Desk

Vande Bharat बनी लाइफलाइन! सूरत से अहमदाबाद ट्रेन से पहुंचाया गया लाइव हार्ट, देश में पहली बार हुआ ऐसा

News Desk