cgdemandium.com
छत्तीसगढ़समाचार

जो कभी चलाती थीं बंदूक, आज बना रहीं राखियां; नक्सली बहनों की बदली तस्वीर

Chhattisgarh News 02 2 17


भानुप्रतापपुर.

नक्सल प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कांकेर जिले में नई पहल शुरू की गई है। भानुप्रतापपुर के चौगेल पुनर्वास केंद्र में बिहान योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और पुनर्वासित परिवारों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है।

प्रशिक्षण के बाद अब तक 700 से अधिक राखियां तैयार की जा चुकी हैं। भानुप्रतापपुर के चौगेल स्थित नक्सल प्रभावित परिवार पुनर्वास केंद्र में इन दिनों राखियों की रंग-बिरंगी दुनिया दिखाई दे रही है। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए यहां पुनर्वासित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को राखी निर्माण से जोड़ा गया है। राखी निर्माण का प्रशिक्षण संकुल संगठन केवटी अंतर्गत कमला तारम और पार्वती आंचले ने दिया। इस पहल का उद्देश्य केवल राखी बनाना नहीं, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

बिहान योजना के माध्यम से शुरू की गई यह गतिविधि पारंपरिक पर्व को आजीविका से जोड़ने का भी उदाहरण है। तैयार की जा रही राखियों के निर्माण के साथ उनके विपणन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। चौगेल का यह पुनर्वास केंद्र अब केवल पुनर्वास का स्थान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहा है। हुनर के जरिए रोजगार और रोजगार के जरिए सम्मान- राखी निर्माण की यह पहल पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम कही जा सकती है।



Related posts

27 जुलाई से शनि होंगे वक्री, साढ़ेसाती वाली तीन राशियां रहें सावधान

News Desk

अगस्त में कुंभ राशि वालों की बढ़ेगी तरक्की, नौकरी-व्यापार में मिलेंगे नए अवसर

News Desk

दुर्ग बस स्टैंड के पार्किंग ठेकेदार की चाकू मारकर हत्या:पुरानी रंजिश के चलते हत्या की आशंका, ACCU की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी

Muskan Sharma