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छत्तीसगढ़ में जनपद अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट, अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन

Chhattisgarh News 05 1


अभनपुर.

जनपद पंचायत अभनपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनपद अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद पंचायत के कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर आवेदन पेश किया है।

आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। खास बात यह है कि 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे भाजपा समर्थित हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर आवेदन करने वाले सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस आवेदन ने अभनपुर की पंचायत राजनीति में सियासी हलचल बढ़ा दी है।

आवेदनकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर दिए गए आवेदन में सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं।आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों को महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में असंतोष है। सदस्यों ने इन कारणों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत विशेष सम्मेलन बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। हालांकि आवेदन में लगाए गए आरोप संबंधित सदस्यों के हैं।

एसडीएम कार्यालय पहुंचा आवेदन, लेकिन कलेक्टर हैं सक्षम अधिकारी
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, लेकिन अभनपुर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए कलेक्टर सक्षम अधिकारी हैं। ऐसे में अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आवेदन के आधार पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है और अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं, यह कलेक्टर स्तर पर तय होगा।

9 हस्ताक्षर से बढ़ी हलचल, अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर
आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में इतने सदस्यों के एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल मामला आवेदन से आगे वैधानिक प्रक्रिया के चरण में पहुंचने का इंतजार कर रहा है। कलेक्टर के स्तर पर आवेदन का परीक्षण और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष सम्मेलन और मतदान की स्थिति बनती है या नहीं।

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अभनपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा समर्थित अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे जनपद सदस्यों का समूह अविश्वास प्रस्ताव की मांग लेकर सामने आया है। अब राजनीतिक चर्चा से ज्यादा निगाहें कलेक्टर कार्यालय से होने वाली अगली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो जनपद पंचायत की राजनीति में इसका असर व्यापक हो सकता है।



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