cgdemandium.com
छत्तीसगढ़समाचार

‘मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं’: आशीष बनर्जी के कथित सुसाइड नोट में क्या लिखा

3 20


पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक दफ्तर में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। रामपुरहाट में बनर्जी के घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है। पुलिस उनके इस सुसाइड नोट का परीक्षण कर रही है।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता निलंजन दास ने बनर्जी का हाथों से से लिखा यह सुसाइड नोट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने TMC नेता का सुसाइड नोट के हवाले से लिखा, “भ्रष्टाचार से मेरा कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी मुझे बदनाम करने के लिए ये सभी पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए गए हैं।”

आशीष बनर्जी के सुसाइड नोट में क्या लिखा?
5 बार के पूर्व विधायक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मैं छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ा रहा हूं, लेकिन मैंने कभी किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं किया। बर्दवान यूनिवर्सिटी छात्र संघ के महासचिव रहते हुए भी मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया

उन्होंने लिखा, “राजनीतिक काम में व्यस्तता रही, लेकिन मैंने कभी कोई पद लेने की इच्छा नहीं रखी। पार्टी की तरफ से कई बार अनुरोध आए, जिन्हें मैंने रोकने की कोशिश की, लेकिन हमेशा ऐसा कर पाना संभव नहीं हुआ।

“मैंने अपनी पूरी जिंदगी में बिना किसी शर्त या बदले के किसी से एक पैसा तक नहीं लिया। यहां तक कि जब मेरे लड़के अटेंडेंट के तौर पर काम करते थे, तब भी मैंने उनसे कभी किसी मेहमान का खर्च नहीं लिया। आर्थिक भ्रष्टाचार में मेरा कभी कोई हाथ नहीं रहा।”

“TRDA में जनरल मीटिंग होती थीं और उनके रजिस्टर रखे जाते थे। मैं टेंडर कमेटी में नहीं था। मेरे पास चेक जारी करने की शक्ति नहीं थी। मैंने न तो कोई प्लान पास किया और न ही कोई NOC जारी किया। इन मामलों पर ग्रुप चैंबर में मेरे सामने चर्चा जरूर होती थी, लेकिन इन कामों में मेरी कोई भूमिका या जानकारी नहीं थी।”

“मुझे नहीं पता कि मुझे बदनाम करने के लिए मेरे खिलाफ कौन-कौन से खेल खेले गए। आने वाले दिनों में राजनीति एक जंग का मैदान है। मैं अपने कॉलेज के बच्चों से कहना चाहता हूं कि वे राजनीति में न पड़ें। अपने-अपने क्षेत्र में रहें, शांति और अनुशासन बनाए रखें और अच्छे इंसान बनें।”

“मैंने पूरी जिंदगी पढ़ाया है। मैंने कभी क्लास नहीं छोड़ी। मैंने स्पेशल क्लास भी लीं और कई छात्रों को बिना फीस लिए पढ़ाया। बदले में मुझे अपने छात्रों से बहुत प्यार मिला।”

“अब विदा लेने का समय आ गया है। बेवजह के शक और आरोपों से परेशान हुए बिना मैं बहुत सावधानी से अपना यह घोंसला समेट रहा हूं।”

“बिशन, रानी, सौम्या, देबप्रिय, बिथी, रिरी, बरनहा, मेघदा, चैतती, दीपा, झूला, मिमी- तुम सभी को मेरा दिल से प्यार। बड़ों को मेरा प्यार देना। दादा और सौम्या, शांत रहना। पूरी जिंदगी सच और हिम्मत के साथ जीना। अपने बच्चों से जुड़े मामले और विवाद आपस में खुद सुलझाना।”
“मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।”

कौन थे आशीष बनर्जी?
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बनर्जी 2001 से 2026 तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक रहे। वह विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पूर्ववर्ती सरकार में स्कूली शिक्षा और कृषि समेत अलग-अलग विभागों के मंत्री भी रहे।

उन्होंने 2026 का विधानसभा चुनाव रामपुरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ध्रुव साहा से 24,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हार गए थे।



Related posts

घुमंतू बच्चों को शिक्षा से जोड़ने अभियान निरंतर जारी

Muskan Sharma

नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने वाला आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार

Muskan Sharma

Satna MP Lok Sabha Election 2024: सतना लोकसभा सीट से विधानसभा के प्रतिद्वंद्वी फिर आमने-सामने

Muskan Sharma