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रसरंग में मुसाफ़िर हूं यारो:मुन्स्यारी: यहां बिता सकते हैं शांति और सुकून के पल

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मुन्स्यारी उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में बसा एक छोटा-सा पर्वतीय स्थल है, जिसने बहुत कम समय में पर्यटकों के बीच अपनी खास जगह बना ली है। अगर आप भी किसी ऐसे हिल स्टेशन पर जाना चाहते हैं, जहां आप सुकून और शांति के साथ कुछ पल बिता सकें, तो मुन्स्यारी आपके लिए अच्छा विकल्प रहेगा। यहां आपको दूसरे हिल स्टेशनों के मुकाबले पीक सीजन में भी भीड़भाड़ नहीं देखने को मिलेगी। वैसे तो मुन्स्यारी अपनी पंचाचूली चोटियों, जो हिमालय पर्वत की पांच चोटियां हैं, के दर्शन के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके अलावा भी यहां देखने लायक बहुत कुछ है।

मुन्स्यारी जाते हुए सबसे पहले आपका सामना होता है बिरथी फॉल से। बिरथी फॉल एक झरना है जो आपको थल-मुनस्यारी मार्ग पर ही दिख जाएगा। यहां आप कुछ समय रुककर झरने से आती हुई फुहारों का आनंद ले सकते हैं। यह मुन्स्यारी से लगभग 35 किमी की दूरी पर है और इसे आप मुन्स्यारी जाते समय या वापस आते समय देख सकते हैं।

बिरथी फॉल से आगे चलते हैं, तो कालामुनी की चढ़ाई मिलती है। बिरथी फॉल जहां समुद्र तल से 1800 मीटर की ऊंचाई पर है, वहीं कालामुनी 2800 मीटर पर है। यह देवदार के घने जंगलों वाला क्षेत्र है और यहां कालामुनी मंदिर भी है, जहां आप मां काली के दर्शन कर सकते हैं। सर्दियों में यहां खूब बर्फ होती है और कई बार रास्ता बंद भी हो जाता है।

नंदा देवी का मंदिर

मुन्स्यारी भ्रमण की शुरुआत आप नंदा देवी मंदिर से कर सकते हैं। नंदा देवी अर्थात मां पार्वती का यह मंदिर मुख्य बाजार से लगभग 3 किमी की दूरी पर स्थित है। इस दूरी को आप टहलते हुए भी तय कर सकते हैं। यहां से आप पूरे मुन्स्यारी और पंचाचूली चोटियों के सौंदर्य को निहार सकते हैं। नंदा देवी मंदिर का प्रवेश शुल्क 20 रुपए है, जो अगली सुबह 8 बजे तक मान्य रहता है।

अगर आपको किसी स्थान विशेष की संस्कृति को जानने में रुचि है तो आपको हेरिटेज म्यूजियम अवश्य जाना चाहिए। यह भी मुन्स्यारी से अधिक दूरी पर नहीं है। यहां आकर आप उत्तराखंड खासकर जोहार घाटी की सम्पूर्ण झलक कुछ ही समय में पा सकते हैं। इसका प्रवेश शुल्क भी केवल 20 रुपए है।

मुन्स्यारी में ट्रैकिंग

मुन्स्यारी ट्रैकिंग करने वालों के लिए पसंदीदा जगह है। यहां कई सारे ट्रैक हैं, जिनमें से एक है खलिया टॉप। अगर कोई मुन्स्यारी आकर खलिया टॉप न जाए, तो उसका मुन्स्यारी जाना अधूरा ही माना जाएगा। ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां आप हिमालय के घने जंगल में पैदल चलने का आनंद ले सकते हैं। बर्ड वॉचिंग कर सकते हैं और आखिर में ट्री लाइन से ऊपर जाकर हरी मखमली घास के मैदानों यानी बुग्यालों का भी आनंद ले सकते हैं। यदि आपके पास समय है, तो आप यहां कैंपिंग भी कर सकते हैं। यहां से आपको पंचाचूली पर्वतों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

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