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वनांचल के सपनों को मिल रहे पंख : छात्रवृत्ति योजना से बढ़ रहा बच्चों का आत्मविश्वास

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रायपुर : दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता अब नई प्रेरणा बन रही है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में स्पीकर हाउस राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ये बच्चे अपनी नैसर्गिक क्षमता, प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार परिचय दे रहे हैं।

छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सम्मानित विद्यार्थियों से संवाद करते हुए डॉ. सिंह ने उन्हें जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ-साथ शिक्षक, प्रोफेसर, वकील तथा अन्य क्षेत्रों में भी सेवाएं देकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने प्रयास आवासीय विद्यालय और एजुकेशन हब जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने वनांचल के अनेक बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई है।

कार्यक्रम में बालिका नम्रता नेताम और प्रेरणा साहू ने डॉक्टर बनने का सपना साझा किया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संदेश दिया। महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति और शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिल रही है।

वनमंडलाधिकारी आयुष जैन ने बताया कि वर्ष 2025 में जिला यूनियन राजनांदगांव के 448 छात्र-छात्राओं को 60.81 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में जिले के 18,412 संग्राहक परिवारों ने 16,517 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया, जिसके लिए 9.08 करोड़ रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। यह पहल वनांचल के बच्चों के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।



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